फिर एक शाम अभी ढल गई
फिर एक सवेरा कल आएगा
आज कोई हाथ छोड चला गया
कल कोई जीवन नया पाएगा
कभी कोई गम दूर चले गए
अभी कोई गम हमे अपनाएगा
ये जीवन का चलता पहियां है
कभी धूप तो कभी छावं दिखलाएगा
आशा और निराशा कि अजीब है कहानी
कभी पतझड़ तो कभी वसंत छा जाऐगा
हिम्मत और आस कि बुनीयाद है मेरे भाई
सच्चे दिल से जीवन आसानी से कट जाऐगा
हसना, रोना दो पहलू है जीवन के
कभी एक दिखेगा तो कभी दूसरा आजाऐगा
क्या कपड़ा क्या गहना क्या पैसा और मकान
खाली हाथ आया था बंदे तू खाली हाथही जाएगा।
फिर एक सवेरा कल आएगा
आज कोई हाथ छोड चला गया
कल कोई जीवन नया पाएगा
कभी कोई गम दूर चले गए
अभी कोई गम हमे अपनाएगा
ये जीवन का चलता पहियां है
कभी धूप तो कभी छावं दिखलाएगा
आशा और निराशा कि अजीब है कहानी
कभी पतझड़ तो कभी वसंत छा जाऐगा
हिम्मत और आस कि बुनीयाद है मेरे भाई
सच्चे दिल से जीवन आसानी से कट जाऐगा
हसना, रोना दो पहलू है जीवन के
कभी एक दिखेगा तो कभी दूसरा आजाऐगा
क्या कपड़ा क्या गहना क्या पैसा और मकान
खाली हाथ आया था बंदे तू खाली हाथही जाएगा।
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