तेरी यादों कि ठंडी छांँव मे आज भी मै जी रहा हूं वो आँधी थी वक्त कि या समय कुछ ऐसा था एक पल को आया था और अगले पल खत्म हो गया वो खुशबू का झौंका था और खुशीया ही खुशीया थी ना दिन थे ना रातें थी सिर्फ हमारी बातें थी ना मै कभी सोया था ना तुम कभी जागी थी दिन पड़ता छोटा था रातें भी आधी थी ना जाने धूप भरे रस्ते पर कोन सी ठंडी आँधी थी एक छोटे से सफर पर हर बात हमने बाँटी थी मंजीले तय कर ली थी जीवन के हर मोड़ की दूर हम थे बहुत, पर सपनो मे रातें काटी थी ना मै तेरे पास था ना तू मेरे पास थी पर आत्माओं का मिलन था और जन्नतों कि बातें थी हँसना,लड़ना,रूठना और मनाना ये रोज़ काकाम था पर ना मै कभी उदास था और ना तू कभी नाराज़ थी।