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मेरी मांँ

सच्चे दिल से बोलू एक बात याद आ रही है
वो सर्दियों कि अंधेरी बात याद आ रही है

वो रजाइयों मे बैठना और मूंगफली खाना
और अंधेरो मे मम्मी दिया जला रही है

उस हवा कि ठंडक और भिनी खुशबू
सुबह का कोहरा, मक्खन और मलाई याद आ रही है।

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